मुकदमे से बचने एवं बीमा की धनराशि हड़पने के लिए रची साजिश
हत्यारे ने मृतक के नाम से सांठ गांठ कर कराया फर्जी पोस्टमार्टम
सितारगंज । रिश्तेदारों एवं मोर्चरी के कर्मचारी के साथ सांठ गांठ कर, भाई के हत्यारे ने मृतक के नाम से लाखों रुपए का बीमा धनराशि हड़पने के लिए गहरी साजिश रचते हुए, फर्जी पोस्टमार्टम करा दिया। मामले में शाहजहांपुर जिले के रोजा थाने एवं सितारगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
शाहजहांपुर में 25 अगस्त 2022 को मनीष यादव को गिरफ्तार किया गया था।पुलिस द्वारा तलाशी में आरोपी के पास से, 29 जुलाई 2015 को मृत मुकेश यादव पुत्र भीकम सिंह से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली। अपने बयान में आरोपी ने पुलिस को कहा कि, उसका असली नाम मुकेश यादव है, और वह मुंडापांडे मुरादाबाद का रहने वाला है। उस पर लूट, डकैती के मुकदमों के अलावा, बीमा कंपनियों का लाखों रुपए का कर्ज था। मुकदमा से बचने के लिए उसने सितारगंज के मोर्चरी के कर्मी से मिलकर, अज्ञात शव के पास डायरी, आधार कार्ड आदि रख दिया। 25 अगस्त 2022 को रोजा थाने के इंस्पेक्टर अमित कुमार ने, मुकेश यादव समेत 9 के खिलाफ इस प्रकरण में, धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया। 30 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच पूरी की। जांच में सामने आया कि, सितारगंज के अस्पताल के मेमो में मुकेश कुमार पुत्र भीकम सिंह निवासी मुरादाबाद के नाम दर्ज है। जिसे मृतक के शव की पहचान, गिरफ्तार आरोपी के परिजनों और रिश्तेदारों ने की। जांच में सामने आया कि मुकेश यादव एवं उसके बहनोई पप्पू कुमार पाल, धर्मपाल ने मिलकर मनिंदर सिंह की हत्या सितारगंज क्षेत्र में की है, आरोपियों ने मनिंदर सिंह के शव को मुकेश यादव के नाम से पहचान करा कर, बीमा की धनराशि हड़पने एवं गैंगस्टर से बचने के लिए षड्यंत्र रचा। पुलिस ने मामले में मुकेश, धर्मपाल, विक्रम सिंह, पप्पू, सुधा, संगीता के खिलाफ, हत्या एवं साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया।


