रोमानिया और हंगरी से छात्रों को एयरलिफ्ट करने के मिशन में जुटी वायुसेना, दिल्ली से दूसरे C-17 ग्लोबमास्टर ने उड़ान भरी

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रूस का यूक्रेन पर हमला लगातार 7वें दिन भी जारी है। इस बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के अभियान ‘ऑपरेशन गंगा’ में वायुसेना भी शामिल हो गई है। वायुसेना के दो ट्रांसपोर्ट विमान C-17 ने बुधवार सुबह हिंडन एयरबेस से उड़ान भरी। वायु सेना का एक विमान, टैंट, कंबल और अन्य मानवीय सहायता सामग्री लेकर हिंडन एयरबेस से रवाना हुआ।

माना जा रहा है कि अपनी पहली उड़ान में ही 400 से ज्यादा भारतीय छात्रों को यह विमान एयरलिफ्ट करके बुधवार शाम तक भारत ला सकता है। इस बीच भारतीयों को लेकर एक और फ्लाइट दिल्ली पहुंची है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एयरपोर्ट पर यात्रियों का स्वागत किया।
उधर, ऑपरेशन गंगा की निगरानी के लिए रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‌वहां इंतजार कर रहे भारतीयों से बात की। वे रोमानिया और मोलडोवा के राजदूत से भी मिले। सिंधिया ने बताया कि मोलडोवा की बॉर्डर भी भारतीयों के लिए खोल दी गई है। वहां पहुंचने वाले भारतीयों के ठहरने का भी इंतजाम कर दिया गया है।
पोलैंड एम्बेसी की एडवायजरी, बुडोमाइर्ज बॉर्डर से एंट्री करें
पोलैंड में इंडियन एम्बेसी ने वहां पहुंच रहे भारतीयों के लिए नई एडवायजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि यूक्रेन के ल्वीव, टर्नोपिल और पश्चिमी हिस्सों से पोलैंड आ रहे भारतीयों को आसान एंट्री के लिए बुडोमाइर्ज बॉर्डर चेक प्वाइंट का उपयोग करना चाहिए। वहां इंडियन एम्बेसी ने अधिकारी भी तैनात कर दिए हैं।
पोलैंड में प्रवेश के लिए शिहाइनी-मिडाइका बॉर्डर का उपयोग करने से बचें। वहां काफी भीड़भाड़ है। इस बीच पोलैंड से भारतीयों कोे लेकर पहली फ्लाइट रवाना हो गई है।

पीएम ने की बैठक, वायुसेना की मदद लेने का फैसला

इसके पहले मंगलवार शाम इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल मीटिंग की थी। इसी में वायु सेना से मदद लेने का फैसला लिया गया। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि पीएम ने यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए 3 दिनों में 26 फ्लाइट्स भेजने का फैसला किया है। भारतीयों को एयरलिफ्ट करने के लिए बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के अलावा पोलैंड और स्लोवाक के एयरपोर्ट का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

कुल 46 फ्लाइट्स भेजी जाएंगी
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 8 मार्च तक बुडापेस्ट, बुखारेस्ट समेत अन्य स्थानों पर कुल 46 फ्लाइट भेजी जाएंगी।

रोमानिया के बुखारेस्ट में कुल 29 फ्लाइट्स जाएंगी। इनमें 13 एअर इंडिया की, 8 एअर इंडिया एक्सप्रेस की, 5 इंडिगो की, 2 स्पाइसजेट की और एक इंडियन एयरफोर्स का एयरक्रॉफ्ट होगा।वहीं, बुडापेस्ट में 10 फ्लाइट्स जाएंगी। इनमें से 7 इंडिगो की, 2 एयरइंडिया की और एक स्पाइस जेट की फ्लाइट होगी। पोलैंड में इंडिगो की 6 फ्लाइट, कोसिसे में स्पाइस जेट की एक फ्लाइट जाएगी। बताया जा रहा है कि एअर इंडिया की फ्लाइट की कैपेसिटी 250 यात्रियों की है। जबकि एअर इंडिया एक्सप्रेस में 180, इंडिगो की 216 और स्पाइस जेट की 180 यात्रियों की क्षमता है।

12,000 छात्र यूक्रेन छोड़ चुके हैं

श्रृंगला ने आगे बताया कि हमारे सभी नागरिकों ने कीव छोड़ दिया है। हमारे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक कीव में हमारे और नागरिक नहीं हैं। वहां से हमें किसी ने संपर्क नहीं किया है। हमने जब अपनी पहली एडवाइजरी जारी की थी उस समय यूक्रेन में लगभग 20,000 भारतीय छात्र थे। तब से लगभग 12,000 छात्र यूक्रेन छोड़ चुके हैं। बाकी बचे 40% छात्रों में से लगभग आधे संघर्ष क्षेत्र में हैं और आधे यूक्रेन की पश्चिमी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं या उसकी तरफ बढ़ रहे हैं।

श्रृंगला ने बताया कि हमने सभी नागरिकों को कीव से बाहर निकलने की सलाह दी थी। वे हंगरी, स्लोवाकिया, रोमानिया, पोलैंड और मोल्दोवा की ओर जा सकते हैं। 7700 नागरिक इन मार्गों से निकल चुके हैं, 2000 वापस आ गए हैं और 4 से 5 हजार लोग फ्लाइट्स के इंतजार में हैं।

एअर इंडिया का दसवां विमान दिल्ली पहुंचा

बुधवार को दसवां विमान भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुंचा। इसके पहले 9वीं उड़ान में रात 1.30 बजे 218 भारतीय दिल्ली पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली एयरपोर्ट पर छात्रों का स्वागत किया। ऑपरेशन गंगा के तहत अब तक 9 फ्लाइट्स से कुल 2,054 भारतीयों को देश वापस लाया जा चुका है। आज कुल 7 फ्लाइट्स यूक्रेन के आसपास के देशों से भारतीयों को लेकर स्वदेश पहुंचेंगी।
फिलीपींस से काबुल तक संजीवनी बना C-17 ग्लोबमास्टर

C-17 ग्लोबमास्टर ने अफगानिस्तान में अशांति के दौरान 640 लोगों को लेकर उड़ान भरी थी। भारतीय वायुसेना ने C-17 ग्लोबमास्टर विमान से भारतीयों को काबुल से दो बार एयरलिफ्ट किया था। भारत के पास 11 C-17 ग्लोबमास्टर विमान हैं। इस विमान का बाहरी ढांचा इतना मजबूत है कि इस पर राइफल और छोटे हथियारों की फायरिंग का कोई असर नहीं होता है।

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